एक घरेलू लड़की से कालगर्ल बनने तक का सफरनामा Part 2 – Mom Sex Story In Hindi

ऑफिस चुदाई कहानी में पढ़ें कि गंदे पति से अलग होने के बाद मेरी सहेली ने मेरी जॉब लगवा दी. पर जॉब भी गंदी थी. इसका मुझे पहले से पता था.

मैं रजनी आपको अपनी जीवन कथा बता रही थी.

पहले भाग
मेरी खौफनाक सुहागरात की दास्ताँ
में आपने पढ़ा था कि मेरे पति ने पैसे कमाने के लिए मुझे गैर मर्दों के साथ संभोग करने के लिए मजबूर किया.
मैंने अपनी सहेली निशा और उसके वकील की सहायता से पति को तलाक़ की अर्जी पर दस्तख़त करने को मजबूर कर दिया था.
फिर मैं निशा के घर पर रहने लगी.

यह कहानी सुनें.

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अब आगे ऑफिस चुदाई कहानी:

दोस्तो, अब मैं आगे बढ़ने से पहले आपको निशा की कहानी लिख रही हूँ.

निशा ने मुझको बताया कि उसका भी तलाक़ हो गया था.

उसके पिताजी ग़रीब थे, वह उन पर बोझ नहीं बनना चाहती थी.
तलाक के बाद उसने कई जगह बहुत कम तनख्वाह में नौकरी की.

हर जगह उसके साथ काम करने वाले पुरुषों को जब पता चलता कि वह तलाक़शुदा है, तो लोग निशा को पटाने और यौन सम्बन्ध बनाने के लिए लालयित रहते.

दो बार निशा के साथ काम करने वाले पुरुषों ने उससे दोस्ती की, शादी का वादा किया, कुछ दिन उसके साथ संभोग किया और बाद में शादी से इंकार कर दिया.

निशा को समझ आ गया कि ज्यादातर पुरुषों को सिर्फ़ उसके शरीर से दिलचस्पी है.

एक दिन निशा की मुलाकात उसकी कॉलेज की एक लड़की से हुई.
वह निशा को अपने साथ अपने घर ले गयी.

चाय पीते हुए उसने निशा के बारे में पूछा.

निशा ने अपनी शादी, तलाक़, अभी की नौकरी और कुछ पुरुषों के साथ का अनुभव बताया.

तो उस लड़की ने बताया कि उसने एक साल तक एक आयात-निर्यात करने वाली कंपनी में नौकरी की. उधर तनख्वाह बहुत मिलती थी, पर उसे कंपनी के मालिक के निर्देश पर कई देशी, विदेशी पुरुषों के साथ सोना पड़ता था. कंपनी का व्यापार बढ़ाने के लिए उसे अपने जिस्म को सौंपना पड़ता था. मगर अब वह कॉलगर्ल का काम करती है और बहुत पैसे कमाती है.

उसने आगे बताया कि निशा चाहे तो वह भी, उस कंपनी में काम कर सकती है. कंपनी का का मालिक सिर्फ़ एक साल के लिए नौकरी पर रखता है. उसके बाद निशा कॉलगर्ल का काम कर सकती है.

निशा राज़ी हो गयी. अब वह कॉलगर्ल का काम करती है. निशा ने छोटा बंगला खरीद लिया है.

अपनी पूरी कहानी कहानी बताने के बाद निशा ने मुझसे पूछा- क्या वह छोटी मोटी नौकरी करना चाहती है? या कॉल गर्ल बनकर थोड़े समय में काफ़ी रुपए कमाना चाहती है?

मैं कॉलगर्ल बनने को राज़ी हो गयी.क्योंकि मुझे फिलहाल धन की जरूरत थी.
मुझे अपने जिस्म की फजीहत की कोई कोई चिंता नहीं थी. वो तो अब तक वैसे भी बहुत ही चुकी थी.

अब मैं आपको अपनी कॉलगर्ल बनने की कहानी सुनाती हूँ.

निशा मुझे यौन विशेषज्ञ डॉक्टर के पास ले गयी.
डॉक्टर ने जांच करके बताया कि मेरी चूत और गांड का छेद बहुत ढीला हो गया है. उसे टाईट करने के लिए कीगल कसरत बतायी.

मुझे यौन रोग तो नहीं है, ये मालूम करने मेरे खून और मूत्र के नमूने लिए.

डॉक्टर की रिपोर्ट आ गयी, मुझे कोई यौन रोग नहीं था.

एक महीने कीगल कसरत करने के बाद मुझे खड़े होकर, नयी 6 इंच लंबी पेन्सिल चूत में एक इंच डालकर चूत को संकुचित करना था.
पेन्सिल का बाकी 5 इंच बाहर झूलेगा. पेन्सिल गिरनी नहीं चाहिए. मुझे अपनी गांड के साथ भी यही करना था.

कुछ दिन अभ्यास करने के बाद मैं सफल हो गयी.

निशा ने मुझे बताया- बाज़ारी वेश्या की चूत एकदम ढीली हो जाती है. पर कॉलगर्ल की चूत और गांड कसी (टाइट) होनी ज़रूरी है, तभी ग्राहक कॉलगर्ल पर इतने रुपये खर्च करता है.

तब निशा ने मुझे तैयार करना शुरू कर दिया.
मुझे अंग्रेज़ी बोलना और हाइ सोसायटी कैसा व्यवहार करना है, इसके लिए फिनिशिंग स्कूल में भरती किया.

ब्यूटी पार्लर में मेरे शरीर के अनचाहे बाल साफ करवाए. मेरा हेयर स्टाइल बदला. तरह तरह के उपचार से मेरा बदन और चेहरा चमक उठा.

आधुनिक कपड़े और ऊंची एड़ी की सेंडिल पहनने का अभ्यास कराया.
कसरत कराकर मेरा शरीर सुडौल और लचीला बनाया, कंप्यूटर का उपयोग करना सिखाया.

तीन ही महीने में मेरा कायाकल्प हो गया.

निशा ने मुझे कामक्रीड़ा के बारे में बताया. गांड का छेद साफ रखने के लिए एनीमा लेना सिखाया.

बहुत सी पत्नियां कामक्रीड़ा में खुलकर हिस्सा नहीं लेती हैं. उस कमी को पूरा करने के लिए पति कॉलगर्ल को बुलाते हैं.
हमें कामक्रीड़ा के समय खुल कर हिस्सा लेना होता है ताकि पुरुष को लगे कि हमें उनके साथ बहुत आनन्द आ रहा है.

निशा ने अपने वकील को अपने बंगले में बुलाया.
मैं छुपकर उनकी काम क्रीड़ा देख सकूँ, उसने ऐसा इंतज़ाम किया.

मैंने देखा कि निशा कैसे वकील को रिझा रही थी, उसे कंडोम अपने हाथों से पहना रही थी, उसका लंड चूस रही थी.

संभोग के समय निशा उछल उछल कर वकील का साथ दे रही थी.

संभोग के बाद उस वकील ने निशा से कहा- आज बहुत मज़ा आया.
निशा ने भी कहा- हां मुझे भी बहुत मज़ा आया … आपने तो मुझे थका ही दिया.

फिर वकील, निशा को बाथरूम में ले गया.
उधर उसे फर्श पर बैठाया और उस पर मूतने लगा.
निशा ने कुछ मूत्र भी पिया … बाकी से स्नान किया.

ये सब देख कर मुझे समझ आ गया कि मुझे इस धंधे में कैसे मर्दों को खुश करना होगा.

मेरी ट्रेनिंग पूरी हुई.

मैं आयात निर्यात करने वाली कंपनी में काम करने लगी.

मालिक ने मुझे कंपनी के ग्राहकों के साथ व्यापारिक कांट्रॅक्ट के कागज पत्रों के बारे में समझाया.
मेरा काम कांट्रॅक्ट के कागज पर ग्राहक को खुश करके उनके हस्ताक्षर लेना था.

एक दिन मालिक ने कहा- रजनी, आज तुम्हें मेरे साथ चलना है. एक विदेशी कंपनी के आदमी जिमी से मुलाकात करने जाना है.

मुलाकात एक पांच सितारा होटल के आलीशान कमरे में हुई.

जिमी एक गोरा लंबा चौड़ा आदमी था.

मैंने नाभि के नीचे साड़ी बांध रखी थी. मेरा सेक्सी पेट और नाभि दिख रही थी.
बैकलेस छोटा सा ब्लाउज पहना था. पतली साड़ी में मेरे मम्मे साफ दिख रहे थे.
सुंदर मेकअप और आभूषण में मैं काफी सुंदर और सेक्सी लग रही थी.

मालिक ने मेरा परिचय जिमी से कराया. मालिक कांट्रॅक्ट के काग़ज़ पर जिमी से बात करने लगा.

कुछ फेर बदल के बाद कांट्रॅक्ट का मसौदा तैयार हो गया.

मालिक ने जिमी से कहा- मुझे जाना है, रजनी मसौदा टाइप करकर आपके हस्ताक्षर ले लेगी.

मुझे होटल के कमरे में छोड़कर मालिक चला गया.

मैंने लैपटॉप पर मसौदा टाइप किया, जिमी को दिखाया.
फिर मैं उठकर घर जाने का नाटक करने लगी.

मैंने कहा- मैं कल सुबह प्रिंट आउट लेकर आपके हस्ताक्षर ले लूँगी.
जिमी बोला- रजनी, मैं अकेला बोर हो रहा हूँ. क्या मुझे आपके साथ समय बिताने और खाना खाने का सौभाग्य मिलेगा?

मैंने थोड़ी आनाकानी की, फिर राज़ी हो गयी.

जिमी ने शराब की बोतल निकाली.
मैंने जिमी का लिए बड़ा पैग बनाया, खुद के गिलास में बहुत कम शराब डाली.
मुझे होश में रहना था.

थोड़ी पीने के बाद जिमी मेरी सुंदरता और शरीर, स्तनों की तारीफ करने लगा.

मैं समझ गई कि ये जाल में फंसने लगा है.

जिमी बोला- मुझे भारतीय पोशाक अच्छी लगती है.
मैंने भी जिमी की तारीफ की.

जिमी मेरे पास आकर बैठ गया, मेरी पीठ, पेट और जांघ पर हाथ फेरने लगा.

फिर उसने मेरा हाथ पकड़कर मुझे खड़ा किया.
मुझे आलिंगन में लेकर मेरे होंठ चूमने लगा.
मैं भी जिमी के होंठ चूमने लगी.

अब हम एक दूसरे के होंठ चूस रहे थे, मेरी चूत गीली हो गयी.
जिमी का खड़ा लंड मेरे पेट को छू रहा था.

तभी जिमी मेरे स्तन दबाने लगा. जिमी ने मेरी साड़ी, मेरा ब्लाउज और ब्रा को उतार दिया, मैं कमर तक नंगी हो गयी.

जिमी ने अपने कपड़े उतार दिए. उसका गोरा खड़ा लंड सुंदर लग रहा था.
मैं उसका लंड सहला रही थी.

मैंने अपने बाकी कपड़े उतार दिए. हम दोनों पूरी तरह नग्न हो गए.

जिमी ने चॉकलेट सुगन्ध वाला कंडोम पहना और मुझसे लंड चूसने को कहा.
मैं घुटनों के बल बैठकर उसका लंड चूसने लगी.

कुछ देर बाद जिमी ने मुझे प्यार से खड़ा किया, पलंग पर ले गया.
मैं पीठ के बल लेटी थी.

जिमी मेरा एक स्तन चूसने और दूसरा स्तन दबाने में लग गया.
मैं मादक सिसकारी भरती हुई जिमी को मजा दे रही थी.

जिमी ने मेरे पांव फैला दिए, मेरी चिकनी चूत पर हाथ फेर कर कहने लगा- तुम्हारी चूत बहुत सुंदर है.

जब जिमी अपना लंड धीरे धीरे मेरी चूत में डालने लगा तो उसने कहा- तुम्हारी चूत तो बहुत टाइट है.

जिमी मुझे चोदने लगा, मैं कमर उछाल उछाल कर चुदने का मज़ा ले रही थी और आ आ कर सिसकारी ले रही थी.

मेरी आवाजों से जिमी खुश दिख रहा था, उसे मज़ा आ रहा था.

जिमी ने चोदने की गति बढ़ा दी.
मैं भी उसे मजा देने के लिए उससे कह रही थी- आंह और ज़ोर से!

फिर मैं झड़ गयी. जिमी का चोदना चलता रहा.
मेरी गीली चूत से फ़च फ़च की आवाज़ आ रही थी.

काफ़ी देर बाद जिमी झड़ गया. उसने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और मेरी बाजू में लेट गया.

हम दोनों हांफ़ रहे थे. दोनों के चेहरे पर संतुष्टि के भाव थे.

जिमी बोला- रजनी मुझे मज़ा आ गया … तुमको कैसा लगा?
मैं बोली- मुझे भी बहुत मज़ा आया. आपमें बहुत देर तक चोदने की क्षमता है, आपने मुझे थका दिया.

अपनी चोदने की क्षमता की तारीफ सुनकर जिमी बहुत खुश हुआ.

जिमी ने फोन करकर अपने कमरे में खाना हल्का मंगवाया, उसे दूसरी बार चोदना था.

जब दरवाज़े की घंटी बजी तो जिमी ने नाइट गाउन पहन लिया.
मैं नंगी ही बाथरूम में चली गई.

जिमी ने आवाज़ दी- रजनी वेटर चला गया.
मैं बाहर निकली और कपड़े पहनने लगी.

जिमी बोला- कपड़े मत पहनो, आज हम नंगे ही खाना खाएंगे.

उसने भी अपना गाउन उतार दिया.

नंगे बैठकर खाने में बाद मज़ा आया.
जिमी ने सिगरेट सुलगाई, मुझे भी दी.

थोड़ी देर बाद जिमी शरारत करने लगा. मुझे गोद में बिठाकर मेरे शरीर पर हाथ फेरने लगा, स्तन दबाने लगा.

जिमी का लंड खड़ा हो गया, मेरी चूत गीली होने लगी.

उसने मेरे कान में कहा- अबकी बार मैं गांड मारूगा.
मैं नखरा करने लगी.

मैंने कहा- मैंने गांड कभी नहीं मरवाई है, सुना है बहुत दर्द होता है.
जिमी मुझे मनाने लगा और बोला- मैं बहुत धीरे धीरे शुरू करूंगा, शुरू में थोड़ा दुखेगा, बाद में तुमको बहुत मज़ा आएगा.

मैंने कहा- ओके मुझे आप पर विश्वास है, मैं कोशिश करने को तैयार हूँ.
मैंने बाथरूम में जाकर एनीमा से गांड को साफ किया.
जिमी ने मुझे पीठ के बल लिटा दिया.

जिमी बोला- अपने पांव छाती की तरफ करकर पांवों को पकड़ लो.
उसने मेरी गांड के नीचे तकिया लगा दिया.

कंडोम के ऊपर के-वाई जैल लगाकर जिमी अपना लंड मेरी गांड में डालने लगा.
मुझे मजा आ रहा था पर मैंने बनते हुए कहा- आंह जिमी थोड़ा रूको, दर्द हो रहा है, तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है.

जिमी आधा लंड डालकर रुक गया.
थोड़ी देर बाद मैंने गांड हिलाकर इशारा किया, जिमी ने पूरा लंड डाल दिया और धीरे धीरे मेरी गांड मारने लगा.

जिमी ने पूछा- कैसा लग रहा है?
मैंने कहा- हां, अब मज़ा आ रहा है.

जिमी ने मुझे घोड़ी बनाकर पलंग के किनारे खड़ा किया, पूरी रफ़्तार से गांड मारने लगा.
वो मेरी चुत में उंगली भी कर रहा था.

थोड़ी देर में हम दोनों एक साथ झड़ गए; थककर नंगे ही एक दूसरे की बांहों में सो गए.

सुबह होटल के रिसेप्शन से मैंने कांट्रॅक्ट का प्रिंट आउट निकाला.
जिमी ने हस्ताक्षर कर दिए.

मैंने मेरी कंपनी के मालिक को फोन करकर बुलाया.
मालिक ने भी हस्ताक्षर कर दिए.

मैंने जिमी को चूमकर विदा ली.
बाहर आकर मालिक ने कहा- रजनी तुम थक गई होगी, आज तुम्हारी छुट्टी. कल ऑफिस आना.

इसके साथ ही मेरे मालिक ने खुश होकर मुझे काफ़ी रुपए भी इनाम में दिए.

मैं अगले दिन ऑफिस गयी.
ऑफिस में मालिक की एक खास महिला कर्मचारी थी प्रीत!

प्रीत कंपनी के ग्राहकों के संपर्क में रहती थी.
किस ग्राहक को कैसी लड़की भेजने से काम निकल सकता था, उसे सब मालूम था.

कभी प्रीत ऑफिस की कोई लड़की भेजती, कभी बाहर से कॉलगर्ल बुला लेती.

प्रीत ने मुझसे पूछा- जिमी ने तुम्हारे साथ क्या क्या किया. तुमने जिमी को कैसे खुश किया, सविस्तार बताओ. जिससे जिमी की जरूरतों के बारे में उसको जानकारी हो जाए.

चूंकि जिमी पहली बार आया था इसलिए उसे सारी जानकारी चाहिए थी.
मैंने उसे सब कुछ बता दिया.

प्रीत ने मुझसे कहा- 7 दिन बाद एक सरकारी अफ़सर आएगा. वो मालिक के फार्म हाउस पर आएगा. तुमको उसे खुश करना है.

मैंने पूछा- वो क्या पसंद करता है?
प्रीत- वो अफ़सर बूढ़ा है, बहुत मुश्किल से उसका लंड खड़ा होता है.

मुझे सारी जानकारी मिली कि उस अफ़सर का लंड खड़ा करना एक चुनौती है.
अफ़सर का लंड बहुत कोशिश के बाद भी पूरी तरह खड़ा नहीं होता. उसके लंड पर लगा कंडोम कभी भी निकल सकता है. इसलिए मुझको महिला वाला कंडोम चूत और गांड में पहनना होगा.

अफ़सर कमजोर है, वह चोद नहीं सकता, मुझको उसे अफ़सर के ऊपर बैठकर उसे चोदना पड़ेगा.

फिर प्रीत ने कामोत्तेजेना बढ़ाने की दवाई कोका कोला में मिलाकर पिलाने की स्कीम बताई.

अब मुझको अफ़सर को वह दवा पिलाना थी.

तय शाम मैं फार्म हाउस आ गयी.

मैंने एक बहुत छोटा सा स्कर्ट पहना था. इसमें से मेरी सुन्दर टांगें और मांसल जांघें साफ़ दिख रही थीं.
बिना बांहों के ब्लाउज में मैं काफी सेक्सी लग रही थी.

मैं वहां बैठ कर एक सिगरेट पीने लगी.
तभी प्रीत का फोन आया कि वो अफ़सर पहुंचने वाला है.

मैंने अपनी पैंटी उतार दी, चूत और गांड में लेडीज कंडोम डाल लिया.

अफ़सर मुझको देखकर खुश हो गया मगर मुझको वो बुढ़ऊ अफ़सर बिल्कुल पसंद नहीं आया. अफ़सर मेरे बाप की उम्र का था.

पर मुझको अपना काम तो करना ही था.

अफ़सर ने मुझको अपने पास बैठाया, वो मेरी जांघ पर हाथ फेरने लगा.
मैंने भी उसे चूमना शुरू कर दिया.

अफ़सर ने अपनी पैंट उतारकर अपने मुरझाए लंड पर मेरा हाथ रख दिया.

मैं उसके मुर्दा लंड और गोटी सहलाने लगी.
उसका लंड फिर भी खड़ा नहीं हुआ.

अफ़सर ने मुझसे खड़ी होकर सब कपड़े उतारने को कहा.

उसने कहा- मुझे तुम्हारा नंगा बदन देखना है.

मैं नंगी खड़ी ही गई थी. मैंने घूमकर उसे अपनी चुचियां और गांड दिखाई.

अफ़सर ने मेरी गांड पर चमाट मारकर कहा- नाचो.

मैं अश्लील नाच करने लगी.
अफ़सर बैठा था.

फिर मैं अपने स्तन अफ़सर के मुँह के पास ले गयी. अफ़सर ने मेरे स्तन दबाए, निप्पल को चूसा और काटा.

मगर फिर भी अफ़सर का लंड खड़ा नहीं हुआ.

मैंने कामोउत्तेजना बढ़ाने वाली दवा मिली हुई कोका कोला अफ़सर को पिलाई.

फिर अफ़सर को बिस्तर पर लिटा दिया.

अफ़सर मेरे होंठ और चेहरा चाटने लगा.
मैं उठकर अफ़सर का लंड और जांघ चूमने लगी.

अब अफ़सर का लंड थोड़ा खड़ा होने लगा था.
मैंने अफ़सर के ऊपर बैठकर उसका आधा खड़ा लंड किसी तरह अपनी चूत में डाल लिया और उचक उचक कर अफ़सर को चोदने लगी.

अफ़सर कहने लगा- आंह और ज़ोर से चोदो … मुझे मज़ा आ रहा है.

फिर उसने मेरी अपनी गांड में लंड डालकर चोदने को कहा.
मैं अफ़सर का लंड अपनी गांड में डालकर चोदने लगी.

काफ़ी देर बाद, अफ़सर का लंड मुरझाने लगा.
अफ़सर ने कहा- अब बस करो. मुझे मज़ा आ गया.

वह अपने कपड़े पहन कर चला गया.

प्रीत फार्म हाउस में ही थी. उसने मुझको फोन किया.
मैंने बताया कि अफ़सर ने कागजात पर दस्तख़त कर दिए हैं.

फिर मैं कंपनी की कार में अपने घर चली गयी.

अगले दिन ऑफिस में प्रीत ने मुझको बताया कि 15 दिनों बाद दो अफ्रीकी ग्राहक आने वाले हैं. मुझको उनके स्वागत के लिए तैयार होना है.

अब ऑफिस चुदाई कहानी के अगले भाग में मैं आपको अफ्रीकी लौड़ों से चुदाई की कहानी लिखूँगी.

आपको यह सेक्स कहानी कैसी लगी, कृपया पर लिखें.

ऑफिस चुदाई कहानी का अगला भाग: एक घरेलू लड़की से कालगर्ल बनने तक का सफरनामा- 3

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