कुंवारी लड़की की फ्रेश बुर का उद्घाटन – Suhagraat Story

इस सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपनी दूकान पर आने वाली जवान लड़की से दोस्ती की. फिर उसे होटल में लेजाकर उसकी फ्रेश बुर को चोदा.

दोस्तो नमस्कार!
मैं देव 25 साल का हूं और उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूं. मेरा शरीर गठीला है और मैंने दिखने में भी काफी स्मार्ट हूं.

मेरे लंड का साइज 7 इंच है और ये 3 इंच मोटा है.

इस सेक्स कहानी की नायिका का नाम ज़ायना है.

मैं आपको ज़ायना के बारे में बता दूं. उसकी उम्र 19 साल है. उसके शरीर की आकृति ऐसी है कि कोई एक बार उसे नजर भरके देख ले, तो मेरा दावा है कि वो बिना मुठ मारे रह ही नहीं सकेगा.
ज़ायना का जिस्म एकदम गोरा है, उसकी नशीली आंखें और कातिल निगाहें हैं. गजब की हेयर स्टाईल, चिकने गाल मस्त रसभरे होंठ हैं.
उसके मम्मों का साइज 32 इंच है, कमर 28 की और गांड 34 की है.

जब वो अपनी कमर मटका कर चलती है, तो उसकी उठी हुई गांड हिलती हुई ऐसे लगती है कि कसम से लंड तन कर खड़ा हो जाता है.

ये बात तब की है जब ज़ायना अपनी जवानी में कदम रखने वाली थी.
मेरी किराने की दुकान थी. वो जब भी मेरी दुकान पर कुछ लेने आती, तो मेरे से खूब हंस हंस के बतियाती थी. मुझसे खूब हंसी मजाक करती थी.
उसके दूध शुरू से ही काफी मस्त दिखने लगे थे.

धीरे धीरे हमारा इतना मजाक अधिक बढ़ गया था कि मैं दुकान में उसके साथ हंसते बोलते उसके दूध दबा देता था और वो कुछ नहीं बोलती थी … बस केवल हंसती रहती थी.

कभी कभी जब मैं जोर से दूध दबा देता तो ‘धत्त ..’ बोल कर अलग हो जाती.
लेकिन तब भी मुस्कुराती रहती.

वो मेरे घर भी आया जाया करती थी. मुझे जब भी मौका मिलता, तो मैं उसे किस कर लेता, उसके दूध दबा देता, वो भी मेरे गले से लग जाती.
हम दोनों के बीच ऐसे ही चलता रहा. हम दोनों ने सैकड़ों बार चुम्बन किए, मैंने उसके दूध दबाए, उसने भी मेरे लंड को दबाया.

एक बार मैं कहीं जा रहा था, तो ज़ायना भी आ गई.
वो ठंडी के दिन थे. ज़ायना मेरे कमरे में आ कर मेरे बेड पर बैठ गई.

मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर लगा दिया. पहले पहल तो ज़ायना कुछ शर्मा रही थी, मगर तभी मैंने पैंट की जिप खोल कर लंड सामने कर दिया.

उसने मेरी आंखों में देखा तो मैंने उसे लंड हिलाने का इशारा कर दिया. उसने मेरे लंड को हिलाते हुए उसकी मुठ मारना शुरू कर दिया.

मैंने उसे बिस्तर पर खींच लिया और हम दोनों रजाई के अन्दर घुस गए. ज़ायना ने बिंदास अपना हाथ घुसेड़ कर मेरा लंड हिलाना शुरू कर दिया.

मैं भी उसके गाल चूमते हुए उसके दूध मसलने लगा.

कुछ ही समय में लंड ने अकड़ कर रस छोड़ दिया और लंड का पूरा माल उसके हाथ में लग गया. उसने अपने हाथ को मेरे कच्छे से पौंछ दिए.

लेकिन मुझे उसे चोदने का मौका नहीं मिला. वो मेरे बिस्तर से उठ कर खड़ी हो गई और हंसते हुए अपने कपड़े ठीक करके चली गई.

हमारी अठखेलियां यूं ही चलती रहीं. मैं भी ज़ायना के घर कई बार गया. अकेला पाकर मैंने उसको किस किया, दूध दबाए.
आप बस ये समझ लो कि मैंने उसके छोटे छोटे बूब्स को 32 साइज़ में ले आया था.

अब तक हम दोनों ने इतनी बार किस कर लिया था कि अकेलापन पाते ही हम दोनों बेहिचक एक दूसरे से लग जाते थे.
मैं भी उसके दूध दबाने लगता था.

फिर एक दिन ज़ायना खासी गर्म हो गई थी … तो मैंने उसे चोदने का प्लान बना लिया और वो भी मुझसे चुदने को बेचैन हो गई थी.

हालांकि भारत में लड़की की लाज उसके मुँह से चुदाई के लिए मनाही ही करवाती है.
जब मैंने ज़ायना से बहुत जिद की, तो इसने भी हां बोल दिया.

मैंने अब फोन से उसे चुदाई को लेकर में ज्यादा बात करना शुरू कर दिया था. हम दोनों फोन सेक्स करते हुए एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा लेने लगे थे.

मैंने भी उसके साथ प्यार जताना शुरू कर दिया था. ज़ायना मुझे सच में बहुत प्यार करती थी.
हमारी बातों का सिलसिला चलता रहा, चुदने चुदाने की बातें होती रहीं.

ज़ायना के घर से उसका स्कूल दो किलोमीटर दूर था और वो अपने स्कूल जाने के लिए एक टैक्सी से जाती थी.

जब मेरा ज़ायना को चोदने का प्लान बना, तो मैंने उसे अपना प्लान बताया. वो मान गई.

उस दिन ज़ायना घर से स्कूल के लिए निकली. मैंने उससे कह दिया था कि स्कूल के बैग में आज बुक्स कम करके कोई ड्रेस बैग में रख लेना.

उसने हामी भर दी और घर से स्कूल ड्रेस में निकली.
वो टैक्सी से स्कूल के रास्ते में उतर गई कि मुझे कोई किताब लेनी है. टैक्सी वाले ने उसे बीच रास्ते में छोड़ दिया और चला गया.

वो एक मॉल में आ गई. मैं उसका इंतजार मॉल के पास ही कर रहा था.

उसके आते ही हम दोनों मॉल में बनी एक शॉप में आ गए.
उसने उस शॉप के चेंजिंग रूम में जाकर अपनी ड्रेस चेंज कर ली.

उसके बाद मैंने उसे अपनी बाइक पर बैठाया और पहले से बुक किए एक ओयो होटल में ले गया.
मैंने आज इस होटल में एक रूम बुक कर रखा था.

मैं उसे होटल के रूम में ले गया.
कमरे में पहुंचते ही अन्दर से लॉक कर लिया और ज़ायना को किस करने लगा.
वो भी मुझसे चिपक गई.

हम दोनों ने लगातार करीब आधे घंटे तक किस किया.
इस बीच मैंने ज़ायना के मम्मों को खूब दबाया.

फिर मैंने अपनी पैंट को उतार दिया और उससे कहा- मेरी चड्डी उतार कर लंड को चूसो.

उसने लंड चूसने से मना कर दिया.
मैंने उसे मनाया कि फोन सेक्स में तो तुम बड़े मजे से लंड चूसती थीं.
लेकिन वो लंड चूसने के लिए नहीं मानी.

फिर मैंने दिमाग लगाया और कहा- बाबू बर्थ-डे केक मंगवा लेता हूँ, तो उसको लंड में लगा कर चाट लेना और मैं तेरी बुर में केक की क्रीम लगा कर चाट लूंगा.
इस पर ज़ायना बोली- ठीक है.

मैंने होटल के रिशेप्शन पर में फोन करके केक मंगवा लिया.

दस मिनट बाद केक आ गया.

मैंने ज़ायना से अपने कपड़े उतरवाए, लंड में केक की क्रीम को लगवाया.
वो बड़े मजे से मेरे लंड में क्रीम लगा रही थी. उसने अपनी हथेलियों से मेरे लंड पर खूब क्रीम मली.

मैं मस्त होने लगा था. और मेरा लंड भी अपनी डार्लिंग के मुँह में जाने के लिए खड़ा हो गया था.

लंड में क्रीम लगाने के बाद ज़ायना ने लंड चाटना शुरू कर दिया. उसको भी लंड मीठा लगने लगा था. वो क्रीम लगा लगा कर मस्ती से लंड चाट रही थी.

मैंने उससे अच्छे से लंड चटवाया फिर उसके मुँह में लंड पेल कर लौड़ा चुसवाया.

इसी बीच मैं उसके बदन को सहलाता रहा.

कुछ देर बाद मैं ज़ायना के कपड़े उतारने लगा. पहले उसकी टी-शर्ट उतार दी. टॉप उतारते ही उसके बूब्स नीले रंग की छोटी सी ब्रा से बाहर आने को बेताब दिख रहे थे.

मैंने ब्रा के ऊपर से उसके मम्मों को दबाना शुरू कर दिया.
इसके बाद मैंने उसका पैंट भी उतार दिया.

अब वो मेरे सामने नीले रंग की ब्रा-पैंटी के नए सैट में थी. उसके गोरे बदन में ब्लू-कलर की ब्रा-पैंटी गजब ढा रही थी. मां कसम वो जन्नत की अप्सरा लग रही थी.

उसको इस रूप में देख कर मेरा लंड और भी कड़क हो गया था. वो भी मदहोशी से मेरी तरफ देख रही थी. फिर वो मेरी बांहों में सिमट गई और हम दोनों प्यार से चूमाचाटी करने लगे.

मैंने उसकी ब्रा-पैंटी भी उतार दी. अब ज़ायना मेरे सामने बिल्कुल नंगी खड़ी थी. वो खुद को नंगी देख कर शर्म से अपना मुँह छुपा रही थी.

उसको नंगी करके मैं भी बिल्कुल नंगा हो गया. मैंने उसको गले से लगाया और किस करना शुरू कर दिया.

उसे किस करते करते में उसकी चूचियों को भी दबाता जा रहा था.

इसके बाद मैंने उसके पूरे शरीर में केक लगाया और पूरे शरीर को चाटना शुरू कर दिया. उसके दूध भी चाटे, पेट, गाल कमर सब जगह चाटा.

अब उसकी फ्रेश बुर चाटने का नंबर था.
मैंने उसकी चूत चाटना शुरू कर दिया. वो कामुकता से सिसकारने लगी.

मैं करीब दस मिनट तक उसकी चूत चाटता रहा. उसने भी मस्ती में अपनी कमर उठानी शुरू कर दी थी.

वो धीरे धीरे बोलने लगी थी- आह बाबू प्लीज़ मुझे चोद दो … आह बाबू प्लीज़ अब मुझसे नहीं रहा जाता … बाबू प्लीज़ जल्दी करो प्लीज़.

मैंने भी सोचा अब लौंडिया फुल गर्म हो चुकी है तो उसका काम उठा ही देना चाहिए.

तो मैंने उसको घोड़ी बनने को बोला.

इसके बाद मैंने उसकी फ्रेश बुर में केक लगाया और अपने लंड में भी केक लगा लिया.

क्योंकि आज लंड को मेरे बाबू की चूत का उद्घाटन को करना था. इसलिए मैंने उसे मिशनरी पोज में कर लिया.

अब मैंने चुदाई की पोजीशन बनाई और ज़ायना की कुंवारी चूत में अपना लंड टिका दिया.
मैंने लंड घुसेड़ना शुरू कर दिया मगर उसकी अनछुई कसी सी फ्रेश बुर होने के कारण लंड अन्दर नहीं जा रहा था.

मैंने सुपारा फांकों में फंसा कर एक जोरदार झटका दे मारा.
चिकनाई के कारण एक ही झटके में मेरा आधा लंड चुत में घुसता चला गया.
लेकिन ज़ायना बहुत तेज से रोने लगी.

मैंने खुद को उसी जगह रोका और ज़ायना को प्यार से सहलाते हुए समझाने लगा.
वो भी समझती थी कि पहली बार में दर्द होता है. वो थोड़ी शांत हुई.

एक मिनट बाद मैंने उसके मुँह पर हाथ लगाया और एक जोरदार झटका फिर से दे मारा.
इस बार मेरा पूरा लंड चुत के अन्दर घुस गया था.
वो दर्द से चिल्लाने को मचली जा रही थी.

मैंने उसके मुँह में हाथ लगा रखा था, तो आवाज नहीं आई.

फिर मैंने जैसे ही अपना हाथ हटाया, तो वो रोते हुए बोली- बाबू प्लीज़ इसे बाहर निकाल लो प्लीज़ … और जो भी करना है … ऊपर से कर लो बाबू, लेकिन इसे निकाल लो प्लीज़.

मैं वहीं चुपचाप पड़ा रहा और उसे फिर से समझाने लगा.
कुछ देर बाद जब उसका दर्द कम हुआ, तो मैंने धीरे धीरे उसको चोदना शुरू कर दिया.

एक मिनट बाद वो हंस हंस कर चुत चुदवाने लगी.

मैं करीब दस मिनट तक उसको इसी पोज में चोदता रहा, इसके बाद उसको घोड़ी के पोज में कर दिया और उसकी चुदाई चालू कर दी.

फिर मैंने उसे वापस सीधा कर दिया और उसकी एक टांग उठा कर उसको चोदना शुरू कर दिया.

कुछ देर तक मैंने इसी तरह चोदा, फिर मैं चित लेट गया और ज़ायना को अपने ऊपर ले लिया; उसे अपने लंड पर बैठा लिया.

अब वो गांड उठा उठा कर मुझे चोदते हुए हंस हंस कर मजा लेने लगी.
वो इस समय काफी खुश दिख रही थी.

कुछ देर बाद हम दोनों झड़ गए.

आधे घंटे तक चूमाचाटी के बाद फिर से गर्मी हो गई तो दुबारा से चुदाई शुरू हो गई.
इस बार भी हमने कई पोज में चुदाई की.

मैंने उसकी चूत में ही अपना माल छोड़ दिया था.
वो निढाल हो कर लेट गई.
मैं भी थोड़ी देर लेटा रहा.

हम दोनों का मन ही नहीं भर रहा था. जवान जिस्म थे, तो जल्दी ही फिर से आग लग गई और हम दोनों ने फिर से चुदाई की.

इस बार की चुदाई में ज़ायना ने बाथरूम में चुदाई करने का मन बताया तो हम दोनों बाथरूम में आ गए.

मैंने शॉवर चालू कर दिया और हम दोनों ने कुत्ता कुतिया के पोज में एक दूसरे को रगड़ रगड़ कर चोदना चालू कर दिया.
ऊपर से शॉवर चल ही रहा था और नीचे मैं उसको घोड़ी बना कर धकापेल चोद रहा था.

इस बार उसने थोड़ी देर बाद मेरे लंड को चूत से हटाकर मुँह में ले लिया और मजे से लंड चूसती रही.
मैंने सारा माल उसके मुँह में ही छोड़ दिया.
वो सारा माल पी गई.

फिर हम दोनों नहाये और कमरे में आकर अपने अपने कपड़े पहन लिए.

इसके बाद वो मुझसे गले मिली. हम दोनों ने किस किया.

मैंने उससे पूछा- बाबू चुदाई कैसी रही?
वो हंस कर बोली- सच्ची यार … मज़ा आ गया … बाबू अब ऐसे ही टाइम निकाल कर चुदाई के लिए आ जाया करेंगे.

ज़ायना ने हंस कर ये कहा और मेरी चुम्मी ली.

हम दोनों बाहर निकले और बाइक से आकर फिर से उसी मॉल की शॉप में आ गए.

उस शॉप के चेंजिंग रूम में जाकर ज़ायना ने कपड़े बदल लिए.

फिर मैंने उसको उसके घर के पास छोड़ दिया. मैं भी अपने घर चला गया.

दोस्तो, आपको यह सेक्स कहानी कैसी लगी, प्लीज़ अपनी राय जरूर दीजिएगा.

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