नफीसा आंटी को दिन में चोद डाला – Antra Vasna

हॉट आंटी की चुदाई कहानी मेरे ख़ास दोस्त की अम्मी की चुदाई की है. मैं उन्हें कई बार चोद चुका था. एक दिन दोपहर में मैं उनके घर पहुँच गया बिना बताये!

नमस्कार दोस्तो, मैं आपका राज शर्मा लेकर आया हूं अपनी एक और दास्तां!

जैसा आप जानते हों कि
जहां चूत वहां राज!

मैं पहले भी नफीसा आंटी को चोद चुका हूं। नफ़ीसा मेरे दोस्त सलीम की अम्मी है और बहुत ज्यादा चुदक्कड़ है.
मेरी पिछली हॉट आंटी की चुदाई कहानी
दोस्त के साथ उसकी अम्मी की चुदाई
में मैंने आपको बताया था कि मैंने नफ़ीसा को उसी के बेटे से चुदवा दिया था.

आज की कहानी भी हमारी ऐसी ही चुदाई की कहानी है।
अब मैं अपने लौड़े को पकड़कर सीधा कहानी पर आता हूं।

एक दिन मैं घर में अकेला बोर हो रहा था तो सोचा नफीसा आंटी के पास होकर आता हूं।

मैं सीधा उनके घर पहुंचा दरवाजा खुला था तो मैं अंदर चला गया।
नफीसा आंटी रसोई में थी, वो घर में अकेली थी।

मुझे देखकर वो मुस्कुराने लगी और बोली- राज तुम कब आए?
मैं बोला- तुम्हारी याद आ रही थी तो आ गया।

नफीसा ने एक पतली मैक्सी पहनी हुई थी और उसकी बड़ी बड़ी चूचियां और बाहर निकली गांड साफ दिख रही थी।
उसने बताया वो भी अकेले बोर हो रही थी।

मैंने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया और रसोई में जाकर नफीसा को पीछे से पकड़ कर चूमने लगा।
मेरे दोनों हाथ नफीसा की गांड को दबाने लगे।

नफीसा भी गर्म होने लगी थी उसने पलट कर अपने होंठों को मेरे होंठों से लगा लिया और मेरे साथ साथ वो भी होंठों को चूसने लगी।

अब हम दोनों बेकाबू हो चुके थे, मैंने वहीं किचन में अपने दोस्त की अम्मी की मैक्सी उतार दी.
वो बिल्कुल नंगी हो चुकी थी।

मैं उसकी चूचियों को मसलने लगा और उसकी गान्ड को सहलाना शुरू कर दिया।
उसने मेरे लोवर में हाथ डालकर लंड को बाहर निकाल लिया और सहलाने लगी।

अब मेरा लन्ड अपने आकार में आ गया और नफीसा ने मेरी टी-शर्ट बनियान उतार दी।

मैंने उसे दीवार पर टिका दिया और उसकी चूत में उंगली घुसा दी.
उईई ईईई ईईई ऊईई ईईई करके वो मचलने लगी।

उसने मेरे लौड़े को हिलाना शुरू कर दिया.
मैंने अपना लोवर अंडरवियर पूरे उतार दिये और दोनों नंगे हो गए।

नफीसा बोली- राज, बेडरूम में ले चलो.

मैंने कहा- नहीं, आज में किचन में ही चोदूंगा।

पास रखी चटाई बिछाकर मैंने नफीसा को लिटा दिया और उसकी चूचियों को मसलने लगा.
वो लंड को मसलने लगी।

फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और चूत/लंड चूसने लगे।

सलीम की अम्मी नफीसा मेरे लंड को गपागप चूसने लगी और मैंने उसकी चूत को अपनी जीभ से चोदना शुरू कर दिया।
दोनों एक-दूसरे को पागलों की तरह चूस रहे थे और चटाई खिसककर लिपट गई।

मैंने उसकी चूत का पानी निकाल दिया और पूरा पी गया।
उसने मेरे लौड़े को जल्दी जल्दी चूसना शुरू कर दिया।

अब मैंने नफीसा के मुंह से अपना लन्ड निकाल लिया और उसकी चूचियों के बीच लंड रखकर चोदने लगा।

मैंने पास रखा सरसों का तेल चूचियों पर गिरा दिया अब लंड फच्च फच्च करके नफीसा की चूचियों को चोदने लगा।
अब नफीसा बोलने लगी मेरे मालिक अपनी बेगम को और न तड़पाओ अपना लन्ड मेरी चूत में घुसा दो।

आज मैं जल्दी में बिना चुदाई के मन से आया था तो कंडोम नहीं लाया था।

मैंने लंड पर थूक लगाया और चूत में रखकर धक्का लगाया लंड अंदर चला गया
नफीसा की सिसकारियां निकलने लगी.

मैंने लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।
मैं दोनों चूचियों को पकड़ कर नफीसा को चोदने लगा।

अब नफीसा भी अपनी कमर उठा-उठा कर जबाव देने लगी।

आज बहुत दिनों बाद मैं नफीसा को चोद रहा था तो उसकी चूत आज टाइट लग रही थी।
अब मैंने इशारा किया तो नफीसा घोड़ी बन गई.

मैंने उसकी चूत में लन्ड घुसा दिया और मैं उसकी कमर पकड़कर चोदने लगा.
अब वो अपनी गांड आगे पीछे करके मज़े लेने लगी थी।

मैंने अपने झटकों की रफ्तार बढ़ा दी और थप थप थप थप करके जबरदस्त चोदने लगा।
किचन में सिसकारियों और थप थप थप की आवाज़ गूंजने लगी थी।

अब मैंने नफीसा को हॉल में चलने को कहा, वो राजी हो गई।
मैं सोफे पर लेट गया और नफीसा मेरे लौड़े पर बैठ गई.

अब वो लंड पर उछल उछल कर गांड़ पटकने लगी और लंड की सवारी करते हुए चुदाई का मज़ा लेने लगी।

नफीसा की बड़ी बड़ी चूचियां मेरे हाथों में आ गई और वो लंड पर उछल उछल कर अंदर तक लेने लगी।

अचानक से नफीसा की चूत ने लंड को कस लिया और झटके से पानी छोड़ दिया।
अब गीला लंड फच्च फच्च फच्च करके अंदर बाहर होने लगा।

मैंने नफीसा को सोफे पर उल्टा लिटा दिया और उसकी गान्ड में हाथ फेरने लगा.
वो समझ गई कि अब उसकी गान्ड में लन्ड जाने वाला है.

मैंने उसकी गान्ड में थूक लगाया और लंड को छेद पर रख कर जोर का धक्का लगाया.

मेरी दोस्त की अम्मी चीखी- ऊईई ईईई ऊईईईई!
इस चीख की आवाज के साथ अंदर चला गया.

मैंने लंड को थोड़ा बाहर निकाल लिया और फिर से घुसा दिया.
उसकी सिसकारियां निकलने लगी।

मैं उसे स्पीड बढ़ा कर चोदने लगा। अब लंड गांड में अंदर तक आराम से जाने लगा। अब नफीसा खुद अपनी गांड को आगे पीछे करके लंड लेने लगी।

मैंने उसकी कमर पकड़कर अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और तेज़ी से अंदर-बाहर गपागप गपागप चोदने लगा।

तब मेरा शरीर अकड़ने लगा और झटकों के साथ लंड ने वीर्य की धार छोड़ दी.
नफीसा की गांड भर गई.

जब मैंने लंड निकाला तो मेरा वीर्य मेरे दोस्त की अम्मी की गांड निकलने लगा।
अब मैं भी साइड में लेट गया।

थोड़ी देर बाद नफीसा उठी और उसने मेरे लंड को चूस कर साफ़ कर दिया।

तब वो रसोई से बिरयानी लेकर आई; हम दोनों ने साथ में खाना खाया।
बिरयानी खाकर दोनों बैडरूम में आ गए.

थोड़ी देर बाद बिस्तर पर आकर एक-दूसरे को चूमने लगे.
नफीसा ने लंड को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया।

थोड़ी देर बाद मेरा लंड पूरा खड़ा होकर तैयार हो गया.
मैंने नफीसा आंटी को बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी चूत में लन्ड घुसा दिया.

मैं तेज़ तेज़ झटके पे झटके लगाने लगा.
वो भी आहह उह उम्मह हह आहह करके मस्ती से चुदवा रही थी।

मेरा लन्ड नफीसा की चूत की बांसुरी बजा रहा था और पूरे कमरे में हह उह उम्मह हह आहह की आवाज तेज हो गई थी।

अब मैं बिस्तर पर लेट गया और नफीसा मेरे लंड पर चूत टिका कर बैठ गई.

चुदाई की बारी अब नफीसा की थी; वो अपनी चूत से मेरे लंड को गपागप गपागप चोद रही थी।

नफीसा की चूत में लन्ड अंदर तक जाने लगा, उसकी बड़ी-बड़ी चूचियां मेरे हाथों में आ गई।
मैं उन्हें निचोड़ने लगा.

अब नफीसा ने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और तेज़ी से उछलने लगी.

मैं समझ गया कि अब वो जाने वाली है. मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और 69 की पोजीशन में आ गया।

उसकी चूत में जीभ घुसा कर मैं चाटने लगा वो लोलीपॉप समझकर मेरा लंड चूसने लगी।

अब उसकी चूत को चाट चाट कर उसका पानी निकाल दिया और पी गया।

इसके बाद मैं नफीसा की गांड पर हाथ फेरने लगा और छेद में उंगली डालने लगा।

नफीसा ने मेरे लंड को चूस कर गीला कर दिया था.
मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से गांड में लौड़ा घुसा दिया और चोदने लगा।

अब लंड गपागप गपागप अंदर बाहर अंदर बाहर अपनी रफ़्तार से दौड़ने लगा।

नफीसा की गांड से थप थप की आवाज़ तेज होने लगी थी।

अब गांड का सुराख खुलने से लंड आसानी से अंदर बाहर होने लगा था।
नफीसा की बड़ी गांड में जब लंड अंदर जाता तो उसकी बड़ी-बड़ी चूचियां हिलने लगती थी.

थोड़ी देर बाद मैंने नफीसा को लिटा दिया और ऊपर से चोदने लगा। अब लंड गांड में अंदर बाहर अंदर बाहर होने लगा.

मैं अब झटकों पे झटके लगाने लगा और थोड़ी देर बाद लंड ने नफ़ीसा की गांड में वीर्य छोड़ दिया.

इसके बाद मैं नफीसा के ऊपर चिपक कर लेट गया.

मेरा वीर्य गांड से बाहर निकल कर बहने लगा था.

थोड़ी देर बाद दोनों बाथरूम में साथ जाकर नहाये और वापस आकर कपड़े पहने.

शाम के 5 बज गए थे. फिर हमने एक-दूसरे को किस करना शुरू कर दिया और रसोई में आ गए.

नफीसा ने दो गिलास दूध गर्म किया और हम दोनों ने पीया.
फिर मैं अपने घर आ गया.

इस तरह दिन में ही मैंने अपने दोस्त सलीम की चालू अम्मी नफीसा को चोद डाला.

आपको कैसी लगी यह हॉट आंटी की चुदाई कहानी?

Posted in अन्तर्वासना

Tags - gand ki chudaigroup sex stories in hindihindi sex stoerykamuktamastram ki mast kahanioral sexpadosiporn story in hindiristo me sex