मेरी बहन की चूत को लंड की कमी नहीं Part 1 – Gandi Chudai Khani

बहन की नोनवेज़ कहानी में पढ़ें कि मेरी कमसिन बहन की चूत की आग में न जाने कितने लंड झुलस गए. मैंने उसे अपने दोस्त से चुदवाते हुए देखा.

मेरा नाम दीपक है. मेरा घर इलाहाबाद में है जोकि अब प्रयागराज है.

हम 4 भाई और एक छोटी बहन है. बहन का नाम रेणु है.

वो अभी अभी जवान हुई है और 12वीं में पढ़ती है.
उसका साइज़ 32-28-34 का है. गोल गोल मम्मे और उठे हुए चूतड़ों को जो भी एक बार देख ले, तो उसका लंड एकदम से खड़ा हो जाएगा.

मेरे माता पिता घर में ही रहते हैं.
बड़े भाई मुंबई में हैं और जो उनसे छोटे हैं, वो गुजरात में हैं. मैं सबसे छोटा हूँ, जो घर पर ही रहता हूँ. मुझसे बड़े वाले भाई अपनी गाड़ी चलाते हैं.

मेरी बहन ज्यादातर सूट सलवार पहनती है. जिससे उसकी मटकती हुई गांड काफी उठी हुई दिखती है.

हां एक बात और है कि वो एकदम छिनाल लगती है. जो भी चोदू किस्म का मर्द उसे देखता है, वो पहली नजर में ही यह जान जाता है कि साली बहुत ठुकवा चुकी है.

एक बार मैं बाजार गया था और वहीं कुछ लड़के खड़े थे.
मैं भी वहीं खड़ा था.

उसी समय मेरी बहन पढ़ कर घर वापस जा रही थी.
उसकी गांड मटक रही थी तो एक लड़के ने कहा कि लगता है साली अपने सभी टीचर्स से ठुकवाती है.

मैं सुनकर चुप रह गया और उन लड़कों की बातें सुनने लगा.
उनकी बातों से मुझे भी लगने लगा कि मेरी बहन एक रंडी है.

इस बीच मैंने अपनी बहन को एक बार अपने एक दोस्त से चुदवाते हुए भी देख लिया था.
हालांकि उस दिन मैं उसकी पूरी चुदाई नहीं देख पाया था पर उसे इस बात की जानकारी हो गई थी कि मैं उसकी चुदाई के बारे में जान गया हूँ.

एक बड़ी बात ये थी कि मैंने उसकी चुदक्कड़ होने की जानकारी होने के बाद भी उससे कुछ नहीं कहा था और वो भी मेरी तरफ से बिंदास हो गई थी.

एक महीने के बाद मेरे मामा के यहां उनकी बेटी की शादी थी … तो मैं, मम्मी और मेरी बहन उधर गए थे.

मामा की लड़की की शादी थी तो वहां सभी लोग आए थे.
तीन लड़के मामा की ससुराल से भी आए थे.

मैं अपनी बहन और मम्मी के साथ जैसे ही वहां पहुंचा तो हमारा गर्मजोशी से स्वागत हुआ.
दो लड़कों ने आगे आकर हमारा सामान ले लिया और उसे अन्दर एक कमरे में रख दिया.

एक लड़का मेरी बहन की गांड देख रहा था तो मेरी बहन की नज़र उस पर जा पड़ी.

वो गुस्साने लगी. वो मुझसे बोली- ये लड़का कौन है … बड़ा बदतमीजी से देख रहा है.
मैंने देखा और कहा- चलो ठीक, बाद में देखता हूँ.

इस पर मेरी बहन मुस्कुरा दी.
शायद उसे भी कुछ अच्छा लगा था.

उसने धीमे से बुदबुदाया- हां मैं देखती हूँ साले कितने बड़े वाले हैं.
मैंने उसकी आवाज सुन ली और उसके कान कह कर हंसने लगा- कितने भी बड़े लंड वाले हों … तू तो खा ही लेगी.

वो मेरी तरफ देख कर पहले तो गुस्साई फिर अगले ही पल मुस्कुरा दी.
उसने मुझे आँख भी मार दी.

मैंने भी उससे कह दिया- अब तुम ही देख लेना … मैं कुछ नहीं करूंगा.
वो उन लौंडों की तरफ देख कर बोली- हां मैं तीनों से निपट लूंगी.

मैं हंस दिया तो वो भी आँख दबा कर चली गई.

फिर शाम को खाना खाने का टाइम हुआ तो सब लोग खाना खा रहे थे.

मेरी बहन सबको खाना परोस रही थी.
वो इन तीनों लड़कों के पास परोसने गयी और जैसे ही वह नीचे खाना देने लगी तो मैंने ध्यान दिया कि मेरी बहन की चुचियां साफ साफ़ दिख रही थीं.
ये उसके गहरे गले वाले कुर्ते के कारण हो रहा था.

मैंने ध्यान दिया कि मेरी बहन को अपने दूध दिखाने में कुछ भी शर्म नहीं आ रही थी और वो तीनों लड़के भी मेरी बहन के लटकते दूध देख कर आंखें सेक रहे थे.

मेरी बहन खाना देकर अपनी गांड मटकाती हुई आगे चली गयी.
इस तरह सबका खाना हुआ और सोने की तैयारी करने लगे.

वो तीनों एक रूम में सो गए थे और मैं छत पर सोया था.

आधी रात को अचानक से लाइट चली गयी तो सबको गर्मी लगने लगी.
वो तीनों लड़के छत पर आकर बात करने लगे.

मुझे भी नींद नहीं आ रही थी. उनकी बातों का शोर सुनकर मैं भी जाग गया, मगर मैं वैसे ही लेटा था.

तभी एक ने कहा कि मैं बिना उसकी गांड मारे यहां से नहीं जाऊंगा.
दूसरा बोला- हां, साली के दूध देख कर तो उसी समय उसे चोदने का जी कर रहा था.

तीसरा बोला- माँ की लौड़ी बहुत कांटा आइटम है … इसको देख कर ही लगता है कि खेली खाई लौंडिया है.
पहला वाला अपने लंड को सहलाते हुए बोला- तब तो मेरा मूसल आराम से गटक जाएगी. मैं तो साली की गांड भी मार कर रहूँगा.

उन दोनों ने भी कहा- हां हां साली को दोनों तरफ से बजाएंगे.

ये सुनते ही मैं सोचने लगा कि ये सब साले मेरी बहन की चूत गांड एक साथ मारने की ही बात कर रहे हैं … मैं भी देखता हूँ कि भैन के लंड कैसे कैसे मेरी बहन की गांड मारते हैं.
मुझे भी अपनी बहन की चुदाई देखने का बड़ा मन था.

अगले दिन बारात आने वाली थी.

सुबह हुई तो सभी ने नहाया और अपने कपड़े बदले.

मैंने देखा कि मेरी बहन भी रेडी हो गई थी और आज उसकी कुर्ती का गला कल वाली कुर्ती से कुछ ज्यादा ही खुला हुआ था और उसमें से उसकी आधी चुचियां दिख रही थीं.
कुर्ती में नेट वाला कपड़ा लगा हुआ था, जिससे वो बहुत हॉट लग रही थी.

जिसकी नज़र भी उस पर पड़ती, वो मेरी बहन की चुचियों को और अन्दर तक देखने की कोशिश करने लगता.

मैंने उसकी ड्रेस की तारीफ़ की और कहा- अब तो पक्के में तुम उन तीनों को ठीक से देख लोगी.
मेरी बहन ने हंस कर कहा- तुमको बड़ा रस आ रहा है.

मैंने कहा- मेरी बहन इतनी हॉट है तो मुझे तो अच्छा ही लगेगा न!
रेणु मुस्कुरा दी और बोली- बस तुम मेरा साथ देते रहना तो मैं सबको निपटा दूंगी.

मैंने कहा- बोलो, मेरी किस तरह से मदद की जरूरत है.
वो बोली- वैसे तो कोई जरूरत नहीं है मगर फिर भी कोई स्थिति बिगड़ी तो संभाल लेना.

मैंने कहा- ओके बहना, तू पूरी ताकत से निपट उनसे मैं तेरे साथ हूँ.
वो हंसी और बोली- हां, पूरी ताकत से ही निपटूंगी.

मैंने भी बात का मर्म समझ लिया कि ये कौन सी ताकत की बात कर रही है.

उस समय दिन के 11 बजे थे.
मैं नहाकर कपड़े पहनने लगा.

मुझे कुछ सुनाई दे रहा था.
मैंने देखा तो वो तीनों लड़के बात कर रहे थे.
एक के हाथ में कुछ था.

मैं खिड़की के पास गया तो देखा कि उस लड़के के हाथ में किसी लड़की की पैंटी थी.
एक बोला- साली की पैंटी तो हाथ लग गई अब चूत और मिल जाए तो मजा आ जाए.

उसी को लेकर वो सब मस्ती कर रहे थे.
मैंने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया और वहां से चला गया.

शाम हुई तो बारात आने वाली थी.
मेरी बहन ने कपड़े चेंज करके लांचा पहन लिया था जिसमें वो बड़ी खूबसूरत लग रही थी.

उसने एक गहरे गले वाली कुर्ती पहनी थी और दुपट्टा कंधे पर डाला हुआ था मगर दुप्पटे से अपनी चूचियों को नहीं ढका था.

वो तीनों लड़के मेरी बहन को देख कर मस्ती कर रहे थे.

मैंने गौर किया कि उस समय मेरी बहन कुछ सोचा विचारी में दिख रही थी. मैंने सोचा कि अभी रहने देता हूँ … जब कुछ बात होगी, तब देखूँगा.

फिर बारात आ गयी और मैं छत पर जा रहा था.
मेरी बहन नीचे आ रही थी. उसी समय उसका लांचा उसके पायल में फंस गया और वह सीढ़ी से लड़खड़ा गयी. मैं नीचे आ गया था.

मैंने देखा कि वो एक सीढ़ी पर बैठ गयी थी और पायल को अपने लांचा से निकाल रही थी.
इस पोजीशन में उसकी बुर सीधे मेरी आंखों के सामने दिख रही थी.

मेरी आंखें फटी की फटी रह गयी क्योंकि मेरी बहन ने अन्दर चड्डी नहीं पहनी थी.

लांचा कुछ ज्यादा ही खुला हुआ था और रोशनी सीधे उसकी चूत पर पड़ रही थी, तो उसकी चिकनी चूत साफ़ दिखाई दे रही थी.

बहन की चूत देख कर मेरे मन में भी कुछ होने लगा था.
मैंने अपनी बहन से कहा- मैं निकाल दूँ.

उसने हां कहा, तो मैं ऊपर आया और जैसे ही मैंने पायल निकालने की कोशिश की तो वो हाथ से नहीं निकली.

दरअसल उसकी पायल, लांचा के धागे में फंस गई थी और धागा काटे बिना उसे निकाला नहीं जा सकता था.

मैं अपने दांतों से धागे को काटने लगा.

इससे उसका लांचा और ज्यादा उठ गया और उसकी चूत मेरी आंखों के सामने आ गई.
मैंने चूत को काफी नजदीक से देखा और धागा काट दिया.

पायल छूट गई तो वह चली गयी.
मगर मेरे मन में करंट सा दौड़ने लगा था.

मैंने सोचा कि क्यों न मैं भी अपनी बहन की चूत पर अपना हाथ साफ़ कर लूं.

सामने बारात आई हुई थी, सब मस्ती कर रहे थे और मेरे मन में बहन की नंगी चूत दिखाई दे रही थी.

सब लोग बारात देख रहे थे और मैं अपनी बहन को देख रहा था.

तभी मैंने देखा कि मेरी बहन वहां से अन्दर जा रही थी.
शायद उसको सूसू लगी थी.
मैं समझ नहीं पाया था कि क्या मामला था.

फिर देखा कि मेरी बहन वहां से घर के पीछे चली गयी थी और वो तीनों लड़के भी मेरी बहन के पीछे जा रहे थे.

अब मैंने समझ लिया था कि कुछ गड़बड़ होने वाला है, तो मैं भी चला गया.

एक लड़के के हाथ में मोबाइल था और उसका कैमरा ऑन था.
जैसे मेरी बहन ने लांचा उठाया और सुसु करने बैठी. उस लड़के ने बहन की चूत से मूत की धार को रिकॉर्ड्स कर लिया.

फिर जब बहन उठने लगी तो लड़के ने मेरी बहन को पकड़ लिया.
वो भागने वाली थी मगर दूसरे लड़के ने उसका लांचा उठाया और अन्दर की फिल्म कैमरे में कैद कर ली.

ये सब मैं छुप कर देख रहा था.

मेरी बहन ने उस लड़के से कहा- ये क्या बदतमीजी है … छोड़ो मुझे, मैं शोर मचा दूंगी.

एक ने मेरी बहन को पकड़ लिया और कहा- हां शोर मचा दे … साली सारे दिन से दूध दिखा रही है माँ की लौड़ी … लंड खड़े करवा दिए और अब कह रही है कि शोर मचा दूंगी. मचा शोर बहन की लौड़ी.

उसकी बात सुनकर मेरी बहन चुप हो गई और उन तीनों को देखने लगी.
वो तीनों अपने लंड सहलाने लगे.

मेरी बहन ने अब अपना रूप दिखाया.
वो मुस्कुरा दी और बोली- अच्छा तो तुम तीनों मुझे चोदना चाहते हो?
एक बोला- बड़ी जल्दी समझ गई छमिया … हां हम तीनों तुझे चोदना चाहते हैं. तूने क्या समझा कि यहां हम तीनों तुझसे राखी बंधवाने आए हैं?

मेरी बहन हंस दी और बोली- ओके मैं रेडी हूँ मगर पहले वो सब अपने मोबाइल से डिलीट करो, जो तुमने अभी खींचा है.
एक बोला- अरे यार, वो तो सब दिल बहलाने के लिए खींचा है … तुम्हारी चूत की फोटो देख कर लंड हिला लिया करेंगे.

मगर मेरी बहन नहीं मानी.

आखिर में उन तीनों ने मान लिया कि चूत चोदने के बाद सब डिलीट कर देंगे.

इस पर मेरी बहन ने कहा- अभी नहीं … रात 12:30 बजे पीछे की दालान में आ जाना.
उन सबने हां कह दी.

अब सेक्स कहानी के अगले भाग में आपको मैं अपनी बहन की मदमस्त चुदाई की कहानी लिखूँगा.
आप मुझे मेल करना न भूलें.

बहन की नोनवेज़ कहानी का अगला भाग: मेरी बहन की चूत को लंड की कमी नहीं- 2

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