सेक्स के लिए लड़की ने मुझे पटाया – देसी कहानियां

हॉट सेक्सी गर्ल की चुदाई का मौक़ा मिला मुझे. लड़की ने खुद मुझसे दोस्ती बनाकर सेक्स के लिए कहा. हमने सेक्स चैट से शुरुआत की और फिर एक दिन होटल में …

दोस्तो, मैं आपका अपना सागर साहू … छत्तीसगढ़ से आपके सामने फिर से हॉट सेक्सी गर्ल की चुदाई की कहानी लेकर हाजिर हूँ.

आप लोगों ने मेरी पिछली सेक्स कहानी
चुदाई से ज्यादा मजा चूत लंड चूसने में आया
पढ़ी और बहुत सारे ईमेल के माध्यम से प्यार दिया, उसके लिए मैं आप सबका आभारी हूं.

कुछ लोगों से पहले ईमेल पर फिर फोन पर बात हुई और उन्होंने मुझे अपने अनुभव बताए.

इनमें से एक लड़की का ईमेल भी था, जो मेरी सेक्स कहानी से काफी प्रभावित थी और मुझसे मिलना चाहती थी.

इधर मैं आपको उसके बारे में किसी भी तरह की जानकारी साझा नहीं कर सकता हूँ क्योंकि उसकी गोपनीयता मेरे लिए महत्वपूर्ण है.

खैर … उस लड़की से मेरी बात शुरू हुई.
बाद में मैंने उसके साथ चुदाई भी की.
लेकिन मैंने अपनी पसन्दीदा क्रिया अर्थात उसकी चूत की चुसाई की और उसकी चूत से मलाई निकाल कर चाट ली. इससे उसे बड़ा मजा आया और आज की ये सेक्स कहानी उसी विषय पर आधारित है.

ये सत्य घटना अभी कुछ दिन पहले की ही है. मेरे कहानी पढ़कर उस लड़की ने मुझे धन्यवाद का ईमेल किया. उसका मेरे पास दोस्ती के लिए संदेश भी आया. उस लड़की का नाम लता था.

लता ने मुझे ईमेल लिखा.
‘हैलो सागर जी, मुझे आपकी कहानी बहुत अच्छी लगी है. मुझे इस तरह की सेक्स कहानी पढ़ना बहुत पसंद है.’

मैंने उत्तर लिखा- धन्यवाद लता जी.
लता- सागर जी, मैं आपसे एक बात पूछना चाहती हूँ.
मैं- हां पूछो.

लता- आपने जो सेक्स कहानी लिखी है … क्या वो घटना सच में हुई थी!
मैं- हां मेरे साथ जो सत्य घटना होती है … उसी को मैं कहानी के माध्यम से बताता हूँ. फर्जी बातें मुझे लिखना पसंद नहीं हैं.

लता- वाह … इतनी मस्त सेक्स कहानी और वो भी एक सच्ची घटना … मुझे तो सच में कुछ कुछ होने लगा है. क्या मैं आपसे मेल पर आगे भी बात कर सकती हूं?
मैं- हां आप बिल्कुल कर सकती हो.

फिर लता जी और मेरे बीच बहुत सारी बातें हुईं.
लता बार बार मुझे बधाई पर बधाई दिए जा रही थी कि मुझे आपकी सेक्स कहानी में जो आपने किया है … वो बहुत पसंद है. मैं भी उसी तरह की कहानी में आपके साथ शामिल होना चाहती हूँ.

जब मैंने उसके मुँह से ये सुना कि ये भी मेरे साथ सेक्स में शामिल होना चाहती है, तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ.

मैंने उसके साथ बातचीत जारी करते हुए उसकी चाहत के बारे में पूछा- आप मेरे साथ क्या क्या करना चाहती हैं!
वो बोली- बस आप यूं समझिए कि उस लड़की की जगह मैं अपने आपको देखना चाहती हूँ.

अब मैं लता से एकाएक कैसे हां बोल देता.
अभी मुझे सारी बातें साफ़ करना जरूरी थीं.

मैंने कहा- क्यों न हम दोनों कुछ दिन तक चैट करें … फिर मिलना मिलाना देखेंगे.
वो राजी हो गई.

फिर हम दोनों ने कुछ दिनों तक ऐसे ही ईमेल के माध्यम से बात की.

लता के बारे में उसकी पर्सनल जानकारी हासिल कर ली; उसके बारे में काफी कुछ जाना.

उसने बताया था कि वो एक सरकारी जॉब करती है और अपनी सुरक्षा के प्रति ज्यादा जागरूक है.
उसे मेरी तरफ से कुछ गोपनीयता बनी रहने की गारंटी चाहिए थी.

इस पर मैं उससे बोला- इस बात की तुम टेंशन न लो. मैं तुम्हारी सारी बातें सुरक्षित रखूंगा.
लता ने कहा- प्लीज सागर जी, अब मैं आपसे जल्दी ही मिलना चाहती हूँ.

मगर मैंने अभी भी मिलने की अपेक्षा उससे कुछ दिन तक बात करना ज्यादा सही समझा.
क्योंकि अभी भी हमारे बीच सेक्स को लेकर कुछ खुली खुली बातें नहीं हुई थीं जो कि मिलने पर सेक्स होता तो शायद उसके लिए कुछ असहज होता.

मैंने उससे कहा- मिलने से पहले क्यों न हम दोनों कुछ खुल कर सेक्स चैट करें?
वो एकदम से राजी हो गई और बोली- हां, मैं भी पहले यही चाहती हूँ.

अब हम दोनों ने सेक्स चैट करना शुरू कर दिया.

दो दिन में ही हम दोनों के बीच सेक्स को खुली खुली बात करना शुरू हो गया.
अब हम दोनों जब भी चैट करते तो सेक्स को लेकर ही बात करते थे.

पहले दिन मैंने उससे पूछा कि तुमने क्या पहना है?
वो बोली- इस समय मैं एक नाइटी पहनी हूँ.

मैंने पूछा- और नाइटी के अन्दर क्या पहना है?
वो बोली- सिर्फ पैंटी.

मैंने कहा- ब्रा नहीं पहनी है?
वो बोली- नहीं, इस समय नाइटी में मुझे अपने बूब्स खुले रखना ही पसंद हैं.

मैंने कहा- बूब्स की जगह चूचियां कहो न!
वो बोली- हां मुझे अपनी चूचियों को आजाद रखना पसंद है. मैं जब भी कमरे में होती हूँ तो अपनी नाइटी भी उतार देती हूँ और अपनी चूचियां मसलती रहती हूँ.

मैंने पूछा- और चूत का क्या करती हो?
वो बोली- चूत में उंगली करने की कोशिश करती हूँ पर बहुत जल्दी आग लग जाती है और बिना मर्द की संगत के मुझे बहुत बेचैनी होने लगती है.

मैंने कहा- यूँ कहो न कि तुमको अपनी चूत के लिए मोटे लंड की जरूरत है!
वो बोली- हां यार, तभी तो तुमसे मिलने के लिए कह रही हूँ.

इसी तरह की सेक्स चैट के बाद हम दोनों अपनी मुठ मारकर खुद को शांत करने लगे थे.

फिर एक दिन हम दोनों ने मिलने का प्लान बनाया.
मिलने की जगह फाइनल करने में कुछ दिक्कत आ रही थी.

लता ने रायपुर में मिलना पसंद किया.
रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी है … और एक बड़ा शहर है.

हम दोनों ने मिलने का दिन तय किया और अपने आने की तैयारी कर ली.

अब हम दोनों में ही मिलने के लिए बहुत उत्सुकता थी क्योंकि मैं उससे सेक्स चैट के माध्यम से तो बहुत खुल चुका था … लेकिन सामने से उसके साथ मिलने का ये पहला मौका था.
वो हॉट सेक्सी गर्ल भी कुछ इसी तरह से उत्साहित थी.

हम दोनों ने रायपुर के बस स्टैंड में मिलने की योजना बना ली.
चूंकि हम दोनों ने ही अब तक एक दूसरे को नहीं देखा था. फोटो से भी पहली बार में पहचानने में दिक्कत होती है. हम आसानी से एक दूसरे को पहचान सकें … इसलिए दोनों ने कपड़े के रंग भी बता दिए.

तय समय पर हम दोनों सैट जगह पर पहुंच गए थे. उधर हम कुछ दूरी पर ही थे … लेकिन दोनों की ही धड़कनें बढ़ी हुई थीं. ऐसा होना स्वाभाविक भी था.

मैंने इधर उधर नजर दौड़ाई तो सामने से वो दिखी. मैंने हाथ हिला कर उसकी तरफ इशारा किया.
वो भी समझ गई और उसने भी हाथ हिला दिया.

फिर मैं उसके करीब गया और बोला- आप लता जी हो न!
वो मुस्कुरा कर बोली- हां … और आप सागर जी!

मैंने भी मुस्कुरा कर जवाब दिया- जी.

उसने मेरी तरफ देख कर अपनी नजरें झुका लीं और मंद मंद मुस्कुराने लगी.

मैंने हाथ बढ़ा दिया और उससे कहा- हाथ तो मिला लो यार!

उसने धीरे से इधर उधर देखा और हाथ बढ़ा दिया. उसका हाथ अपने हाथ में लेते ही हम दोनों एक अजीब सी सनसनी हुई.

मैंने अपनी इंडेक्स फिंगर से उसकी हथेली को कुरेद दिया और कहा- कैसा लगा मैं?
वो आंख उठा कर और हाथ छुड़ाती हुई बोली- जैसा सोचा था … उससे भी कहीं ज्यादा अच्छा.

मैं मुस्कुरा दिया तो उसने पूछा- और मैं कैसी लगी?
मैंने कहा- मस्त कांटा माल … अभी अन्दर से खोल कर देखूंगा … तब फाइनल कहूँगा.

वो हंस पड़ी.

चूंकि हमारे पास कोई ख़ास सामान तो था नहीं, बस वो एक बड़ा सा हैंडबैग लिए थी … और मैं एक थैला लिए था, जिसमें मेरे एक जोड़ी कपड़े थे.

उसके बाद हम दोनों काफी जगह घूमे और शाम को एक होटल में आ गए. वहां पहले से उसने कमरा बुक किया हुआ था.
कमरे में जाने से पहले लता ने खाना खाने के लिए पूछा.
मैंने हां कह दी.

होटल के रेस्तरां में हम दोनों बैठ कर खाना आर्डर करने लगे.
खाना आर्डर करने से पहले मैंने उससे पूछा कि तुम कुछ ड्रिंक्स लेना पसंद करोगी!

लेकिन लता ड्रिंक वगैरह नहीं लेती थी और मैं भी नहीं लेता, तो हम दोनों ने सिर्फ खाने के लिए ही कुछ मंगा लिया.

खाना खाने के बाद मैंने एक बार पेमेंट करने के लिए कोशिश की … मगर उसने मना कर दिया.

वो बोली- आज का सारा खर्च मुझको ही करना है.
मैंने कुछ नहीं कहा.

अब हम दोनों कमरे की तरफ बढ़ गए.
कमरे में जाकर हम दोनों फ्रेश हुए. पहले वो बाथरूम में गई और उसके बाद मैं फ्रेश हुआ.

जब मैं बाथरूम से बाहर निकला तो देखा कि लता ने ड्रेस चेंज कर ली थी और वो इस ड्रेस में पहले से भी ज्यादा हॉट लग रही थी.
मुझे ऐसा लगा मानो मेरे सामने कोई स्वप्न सुंदरी खड़ी हो.

उसको देखते ही मेरा लंड एकदम से तन गया और मेरी तौलिया से बाहर से साफ दिखाई देने लगा.
लता की नज़र बार बार मेरे फूलते हुए लंड तरफ जा रही थी.

फिर अचानक से मेरा तौलिया नीचे गिर गया और मैं लता के सामने नंगा हो गया.
तौलिया गिरते ही लता का हाथ उसके मुँह पर चला गया और उसके मुंह से निकल गया- हाय राम इतना बड़ा लंड!

चूंकि मैं गर्म हो चुका था इसलिए मैंने देर न करते हुए लता को अपने करीब खींचा और उसे चूमना शुरू कर दिया.

लता के होंठों को किस करते करते मैंने उसके दोनों मम्मों को दबाना शुरू कर दिया.
उसके चूचे काफी सख्त थे और 36 इंच की साइज के थे. उसके बड़े बड़े दूध मेरे हाथों में ही नहीं आ रहे थे.

मैंने जैसे ही उसे किस करते हुए उसके मम्मों को मसलना शुरू किया.
वो भी मदहोश होने लगी और मेरा साथ देने लगी.

काफी देर तक किस होने की वजह से हम दोनों एकदम मदहोश हो गए थे.
इसी दौरान मेरा हाथ कब उसकी चूत में घुस गया था, इसका पता ही नहीं चला.

उधर लता ने भी अपने हाथों से मेरे लंड को पकड़ लिया था और वो मेरे लंड को जोर जोर से दबा रही थी.

फिर हम दोनों ने देर न करते हुए एक दूसरे के कपड़े निकाल दिए.
मैंने कपड़े निकालते समय देखा कि उसके ब्रा की साइज बहुत बड़ी थी और चूचे तो मानो ऐसे थिरक रहे थे कि बस चूसने से ही कामुकता शांत हो सकती थी.

उसकी ब्रा निकालने के बाद उसके दोनों खरबूजे मेरी आंख में रतौंधी पैदा करने लगे थे.

मैंने एक बार उसके दोनों नंगी मम्मों को अपने हाथों से पकड़ कर मसला और उसकी एक मीठी आह सुनने के बाद मैं नीचे चूत की तरफ देखने लगा.

उसकी पैंटी उतरने की बारी आ गई थी.
पैंटी हटाई तो मैंने देखा कि उसकी चूत बिल्कुल गोरी, कसी हुई और झांट रहित थी.

उसके सारे कपड़े निकालने के बाद मैंने फिर से उसे किस करना शुरू कर दिया.
यूँ ही लता को किस करते करते मैं उसके चूचों पर आ गया.

उसने खुद अपने हाथ से मुझे दूध पिलाना शुरू कर दिया.
मैंने बारी बारी से लता के दोनों मम्मों को खूब चूसा.

फिर मम्मों से पेट पर … और पेट से मैं उसकी चूत पर आ गया.

पहली बार उसकी चूत को चाटने पर इतना मज़ा आया कि आपका बता ही नहीं सकता.

वो अपनी चूत पर गुलाब की खुशबू वाली कोई चीज लगा कर आई थी. उसकी चूत गुलाब की सुगंध बिखेर रही थी.

मैंने अपनी जीभ को पूरी तरह से उसकी चूत में डालकर काफी समय तक चूसा.
वो काफी मदहोश हो गयी और उसने मुझे अपनी दोनों टांगों में जकड़ लिया.

उसको इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था कि वो मादक आवाजों से चिल्ला रही थी- आह और और जोर से … आह अअउ … आह.

मेरा मुँह उसकी चूत पर लगा था लेकिन हाथों से मैंने उसके मम्मों की मां चोद रहा था.

वैसे तो मैंने इससे पहले भी चूत चाटने का मजा लिया था मगर जिन्दगी में आज पहली बार किसी की चूत चाटने में इतना ज्यादा मज़ा आ रहा था कि चूत से मुँह हटाने का मन ही नहीं हो रहा था.

मैं मन ही मन कामदेवता से प्रार्थना करे जा रहा था कि आगे भी मुझे ऐसी ही मस्त महक वाली रसीली चूत चूसने को मिलती रहें.

कुछ देर बाद लता की चूत का पानी निकल गया और वो निढाल हो गयी.

मैंने फिर से उसके मम्मों को दबाकर उसे पुनः गर्म कर दिया.

इस बार मैंने उसकी चूत में अपना लंड डालना उचित समझा.
जैसे ही मैंने लंड को चूत पर रखकर धक्का मारा तो वो दर्द की वजह से कराह उठी.

उसकी चूत एकदम कसी हुई थी. मैंने अपने आपको किस्मत वाला समझा और ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया.

फिर मैंने अपने लंड को जोर से धक्का मारा और लता दर्द की वजह से चिल्ला उठी- आह मर गई … रुको रुको.
वो मुझे आगे बढ़ने से मना करने लगी.

लेकिन मैं भी कहां रुकने वाला था … मैंने उसके मुंह में अपना मुंह रखा और जोर से किस करते हुए धक्के पर धक्के मारना जारी रखे.
बस दो तीन तगड़े शॉट में ही मेरा लंड चूत की जड़ तक अन्दर घुस गया.

मेरे लौड़े के नीचे मार खा रही लता दर्द की वजह से लगातार कराह रही थी- ऊईई ईमा मां मर गईईई फाड़ दी आह रुक जा हरजाई … आह.

मैं थोड़ी देर रुक गया इसके कुछ देर बाद जब लता का दर्द कम हुआ तो मैंने फिर से अपनी चुदाई का काम शुरू कर दिया.
अब लता को भी मजा आने लगा था … हम दोनों धकापेल चुदाई में मस्त थे. वो भी नीचे से गांड उठा कर मेरा साथ दे रही थी.

कुछ देर बाद मैंने उससे कहा- अब घोड़ी बन जाओ.

वो अपना सर हां में हिलाने लगी तो मैं लंड चूत से खींच कर उसके ऊपर से हट गया और वो लपक कर कुतिया बन गई.
मैंने पीछे से लौड़ा चूत में पेला और एक बार में ही पूरा लंड चूत में ठोक दिया.

वो एक बार फिर से कराह उठी मगर इस बार उसने एक दो शॉट के बाद ही गांड मटकाना शुरू कर दी.
मैंने उसके दूध पकड़ कर उसकी चुदाई शुरू कर दी.

कुछ ही देर में वो झड़ गई थी मगर मेरा शेरू अभी भी गुर्रा रहा था.

फिर मैंने उससे अपने लंड की सवारी करने को कहा.
वो मेरे लौड़े पर चूत फंसा कर कूदने लगी.

इस तरह से हम दोनों अलग अलग सेक्स पोजीशन में चुदाई कर रहे थे.

मैं जैसे ही सेक्स पोजीशन चेंज करता, तो उसके चेहरे में खुशी आ जाती थी.
वो बहुत खुश थी क्योंकि उसके साथ ये सब पहली बार हो रहा था.

चुदाई के बाद जब मैं झड़ने को हुआ तो मैंने उससे लंड को चूसने को कहा लेकिन उसने मना कर दी.

मैंने कहा- लता रानी, नमकीन रबड़ी है, तुमको प्रोटीन मिलेगी. तुम्हारा चेहरा चमक जाएगा.

इस तरह से थोड़ी देर समझाने के बाद वो लंड चूसने के लिए मान गयी.

मैंने चूत से लंड निकाला और उसके मुँह में दे दिया. अब वो मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह मज़ा लेकर चूस रही थी.

फिर मैंने 69 में आकर उसकी चूत को चूसना और चाटना शुरू कर दिया.

उसकी चूत से गुलाब की बहुत ही मादक खुशबू आ रही थी. मुझे उसकी चूत का रस चाटने में बहुत पसंद आया.
मुझे यूं ही खुशबूदार चूत चूसने को मिले … तो मज़ा आ जाए.

चूत चूसने के बाद मैंने सीधे होकर उसे किस किया और कुछ देर दूध चूसने के बाद लता गर्मा गई.
मैंने अपने लंड राजा से फिर लता को चोदना शुरू कर दिया.

अब लता मेरे लंड पर उछल उछल कर मेरा साथ दे रही थी और चूत चुदाई के मज़े ले रही थी.
वो बोल रही थी- सागर जी, लाइफ में पहली बार ऐसी चुदी हूँ और इतना बड़ा लंड देखा है. मुझे अन्दर बहुत मज़ा आ रहा है. काश हम दोनों हमेशा मिल पाते.

दस मिनट की धुआंधार चुदाई के बाद जब मेरा माल निकलने की बारी आई … तो उसने कहा कि रस बाहर ही निकाल देना.

मगर जब मैंने लंड चूत से बाहर निकाला तो वो लपक कर 69 में हुई और मेरे लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.
मैं झड़ गया और सारा वीर्य उसके मुँह में निकल गया.
उसने मेरा सारा रस चाट कर लंड साफ कर दिया.

उधर वो लंड चाट रही थी और इधर मैं उसकी चूत में मुँह लगाए पड़ा था.
मैंने भी उसकी चूत को बहुत समय तक चूसा जब तक कि मेरा मन नहीं भर गया.

इस तरह से हम दोनों के बीच सेक्स हुआ. कुछ देर बाद हम दोनों ने कुछ नाश्ता करके फिर से सेक्स शुरू कर दिया.

पूरी रात में मैंने लता को छह बार चोदा और मज़े लिए.
लता की चूत चुदाई से ज्यादा मुझे चूत चुसाई में मजा आया था.

मैंने लता की खुशबूदार चूत चूस चूस कर लाल कर दी थी.
उसको चूत में जलन होने लगी थी.

तब भी लता को बहुत बहुत धन्यवाद, जो उसने मुझे इस तरह के आनन्द की अनुभूति करायी.

यदि आप सभी को ये हॉट सेक्सी गर्ल की चुदाई कहानी पसंद आई हो तो मैं इसे आगे भी जारी रखूंगा.

दोस्तो … मेरी सेक्स कहानी पढ़कर बताइए कि आपको कहानी कैसी लगी.
मुझे ईमेल करें.

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